बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना 2021 ऑनलाइन आवेदन, एप्लीकेशन फॉर्म पीडीऍफ़

By | November 8, 2021

बिहार सरकार द्वारा अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना नाम की एक योजना शुरू की है। इस स्कीम को डॉक्टर अंबेडकर स्कीम फॉर सोशल इंटीग्रेशन थ्रू इंटर कास्ट मैरिज (Dr. Ambedkar Scheme For Social Integration Through Inter-Caste Marriage) के नाम से भी जाना जाता है। इस स्कीम के अंतर्गत गैर पिछड़ी जाति के लड़के अथवा लड़की द्वारा पिछड़ी जाति के लड़के अथवा लड़के से शादी पर सरकार द्वारा उन विवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको Bihar Antarjatiya Vivah Protsahan Yojana से सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे यह योजना क्या है, इस योजना के लाभ, उद्देश्य, पात्रता, दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया आदि। इसलिए योजना से जुडी सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए लेख को अंत तक जरुर पढ़ें।

Bihar Antarjatiya Vivah Protsahan Yojana

बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के माध्यम विवाहित जोड़े को सरकार की और से 2.5 लाख रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस स्कीम का संचालन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं डॉ आंबेडकर फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से विवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता प्राप्त होगी जिससे वह आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनेंगे तहत समाज में पिछड़ी जातियों को समानता का अधिकार प्राप्त होगा एवं अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा यदि कोई लाभार्थी इस योजना का लाभ गलत तरीके से प्राप्त करता है, तो उससे प्राप्त राशि की वसूली की जायेगी। पहले पहले इस योजना को केवल 2 वर्ष के लिए ही आरंभ किया गया था लेकिन अब इस योजना का संचालन प्रतिवर्ष किया जा रहा है।

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Key Highlights Of Antarjatiya Vivah Protsahan Yojana Bihar

योजना का नामबिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना
राज्यबिहार
उद्देश्यअंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहन देना
लाभार्थीबिहार के नागरिक
आर्थिक सहायता2.5 लाख रूपए
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन / ऑफलाइन
वर्ष2021
ऑफिसियल वेबसाइट http://ambedkarfoundation.nic.in/

बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य

बिहार सरकार द्वारा शुरू की गयी अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का मुख्य उद्देश्य अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन को बढ़ावा देना है। इस योजना के अंतर्गत यदि कोई गैर पिछड़ी जाति की महिला / पुरुष द्वारा पिछड़ी जाती की महिला एवं पुरुष से विवाह करता है, तो सरकार की और से विवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस स्कीम के अंतर्गत समाज के पिछड़े वर्ग को लेकर समानता की धारणा को विकसित किया जा सकेगा। बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्राप्त प्रोत्साहन राशि से विवाहित जोड़े आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनेंगे। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में अंतरजातीय विवाह में बढ़ोतरी होगी, जिससे की समाज की सोच में बदलाव आयेगा।

बिहार अंतरजातीय विवाह योजना के अंतर्गत दी जाने वाली आर्थिक सहायता

दोस्तों, बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा की जाती है। इस स्कीम के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को एक प्री स्टांपेड 10 रूपए के नॉन ज्युडिशियल स्टाम्प पेपर पर जमा करनी होगी। जिसे पश्चात् लाभार्थियों को 1.5 लाख रूपए उनके बैंक खाए में जमा कर दिए जाते हैं। बची हुई धनराशि को 3 वर्षों के लिए फिक्स्ड डिपाजिट कर दिया जाता है। 3 वर्षो के बाद लाभार्थी को डिपाजिट राशि को ब्याज सहित प्रदान कर दिया जाता है।

Bihar Antarjatiya Vivah Protsahan Yojana के लाभ एवं विशेषताएं

  • बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की शुरुआत बिहार सरकार द्वारा अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन को बढ़ावा देने के लिए आरम्भ की गई है।
  • इस स्कीम को डॉक्टर अंबेडकर स्कीम फॉर सोशल इंटीग्रेशन थ्रू इंटर कास्ट मैरिज के नाम से भी जाना जाता है।
  • यदि कोई गैर पिछड़ी जाति का लड़का अथवा लड़की किसी पिछड़ी जाति की लड़की अथवा लड़के से शादी करती है, तो उन्हें सरकार की और से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
  • यह प्रोत्साहन राशि 2.5 लाख रूपए की है।
  • Bihar Antarjatiya Vivah Protsahan Yojana का संचालन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं डॉ आंबेडकर फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है।
  • यदि इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक द्वारा किसी भी प्रकार की कोई गलत जानकारी दी गयी है, तो लाभार्थी से लाभ की राशि की वसूली कर ली जायेगी।
  • इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को एक प्री स्टांपड रिसिप्ट जमा कराना अनिवार्य है।
  • यह रिसिप्ट जमा कराने के बाद विवाहित जोड़े को 1.5 लाख की राशि उनके बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
  • बची हुई राशि का फिक्स डिपाजिट किया जाता है, जो 03 वर्षों के बाद लाभार्थी को ब्याज सहित लौटा दी जाती है।
  • यह स्कीम में समाज में समानता लाने में कारगर साबित होगी।

बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की पात्रता

  • आवेदक बिहार का स्थाई निवासी होना चाहिए।
  • बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ उठाने के लिए पति अथवा पत्नी में से कोई अनुसूचित जाति (SC) से होना चाहिए एवं दूसरा गैर अनुसूचित जाति से होना चाहिए।
  • विवाह हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के अंतर्गत माननीय होना चाहिए।
  • हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के अंतर्गत विवाह रजिस्टर्ड होना चाहिए।
  • विवाहित जोड़े को शादी होने का एक शपथ-पत्र भी जमा करना अनिवार्य है।
  • यदि विवाह हिन्दू मैरिज एक्ट 1955 के अलावा किसी और एक्ट के अन्तरत रजिस्टर्ड है, तो विवाहित जोड़े को अलग से सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा।
  • इस योजना का लाभ केवल पहली शादी के लिए ही उठाया जा सकता है।
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को 1 साल के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।

योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • आयु प्रमाण पत्र
  • मैरिज सर्टिफिकेट
  • शादी की फोटो
  • शादी का कार्ड
  • राशन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर

बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

इच्छुक एवं पात्र उम्मीदवार जो अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वह निचे दी गयी प्रक्रिया का ध्यानपूर्वक पालन करें:-

  • सर्वप्रथम आपको बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना आवेदन फॉर्म प्राप्त करना होगा।
  • आवेदन फॉर्म आप समाज कल्याण विभाग इस लेख में दी गयी लिंक पर क्लिक करके डाउनलोड कर सकते हो।
  • आवेदन फॉर्म प्राप्त कर लेने के बाद फॉर्म में पूछी में गयी सभी आवश्यक सूचनाओं को सही-सही दर्ज करना होगा।
  • उसके बाद फॉर्म के साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करें।
  • अब पूर्णरूप से भरे हुए आवेदन फॉर्म को सम्बंधित विभाग में जाकर जमा करा दें।
  • इस प्रकार आपका अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना बिहार में सफलतापूर्वक आवेदन हो जाएगा।

नोट: यदि लाभार्थी द्वारा गलत सूचनाओं को दर्ज करके इस योजना का लाभ प्राप्त किया जाता है। तो लाभार्थी से प्रोत्साहन राशि की वसूली की जाएगी।

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