Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2021 : सरकार जैविक खेती के लिए दे रही है 50 हजार रुपये, जानिए पूरी जानकारी

By | January 30, 2021

Paramparagat Krishi Vikas Yojana: सरकार जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है। लेकिन कई किसानों को इसके बारे में आवश्यक जानकारी नहीं है। केंद्र सरकार परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY) लेकर आई है, इस योजना के तहत, आप जैविक खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये प्राप्त कर सकते हैं।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana: सरकार जैविक खेती के लिए दे रही है 50 हजार रुपये, जानिये कैसे

क्या है PKVY Paramparagat Krishi Vikas Yojana

मोदी सरकार लगातार जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है, और उसने परम्परागत कृषि विकास योजना की शुरुआत की है। यह योजना 2015 में शुरू की गई थी। यह केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस), सतत कृषि पर राष्ट्रीय मिशन के तहत मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन (एसएचएम) का एक विस्तारित घटक है।

स्कीम के तहत फंडिंग पैटर्न

इस योजना के तहत फंडिंग पैटर्न क्रमशः केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 60:40 के अनुपात में है। और केंद्र और राज्य सरकार द्वारा क्रमशः पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10। और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% सहायता।

PM Kisan Yojana 8th Installment: केंद्र सरकार जल्द ही जारी करेगी पीएम किसान की आठवीं क़िस्त, किसानों को मिल सकती है बढ़ी हुई राशि

PKVY Paramparagat Krishi Vikas Yojana में मिलते है 50 हजार रुपये

इस योजना के तहत तीन साल के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। सरकार किसानों को जैविक खाद, जैविक कीटनाशक, वर्मीकम्पोस्ट आदि खरीदने के लिए 31000 रुपये यानी 61% देती है।

मिशन आर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ इस्टर्न रीजन के तहत किसानों को जैविक इनपुट खरीदने के लिए तीन साल में प्रति हेक्टेयर 7500 रुपये की मदद दी जा रही है.

सॉइल हेल्थ मैनेजमेंट के तहत निजी एजेंसियों को नाबार्ड के जरिए प्रति यूनिट 63 लाख रुपये लागत सीमा पर 33 फीसदी आर्थिक मदद मिल रही है.

कैसे मिलेगा जैविक खेती का सर्टिफिकेट।

जैविक खेती का प्रमाण-पत्र लेने की एक प्रक्रिया है. इसके लिए आपको आवेदन करना होता है. प्रमाण-पत्र लेने से पहले मिटटी, खाद, बीज, सिंचाई, कीटनाशक, कटाई, पैकिंग, और भण्डारण सहित हर कदम पर जैविक सामग्री जरुरी है.

यह साबित करने के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री का रिकॉर्ड रखना होता है. इस रिकॉर्ड के प्रमाणिकता की जांच होती है. उसके बाद ही खेत व उपज को जैविक होने का सर्टिफिकेट मिलता है.

इसे हासिल करने के बाद ही किसी उत्पाद को ‘जैविक उत्पाद’ की औपचारिक घोषणा के साथ बेचा जा सकता है. एपिडा ने आर्गेनिक फूड की सैंपलिंग और एनालिसिस के लिए एपिडा ने 19 एजेंसियों को मान्यता दी है.

जैविक खेती के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए www.jaivikkheti.in पर विजिस्ट करें. एवं PKVY के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें.

प्रधानमंत्री कुसुम योजना ऑनलाइन आवेदन फॉर्म | PM Kusum Yojana Online Application Form 2021

New Sauchalay List 2021 : ऑनलाइन जारी हो चुकी है शौचालय की सूची, ऐसे देखें सूची में अपना नाम

Pashu Kisan Credit Card : बिना गारंटी मिलेगा 1.60 लाख रूपए का लोन, ऐसे करें आवेदन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *