Vehicle Scrappage Policy : पीएम मोदी ने लॉन्च की नई व्हीकल स्क्रेपेज पॉलिसी, अब पुरानी गाडी चलाना पड़ेगा महंगा

By | April 24, 2022

Vehicle Scrappage Policy: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वाहन कबाड़ निति (Vehicle Scrappage Policy) की घोषणा की है। वाहन स्क्रैपिंग पर्यावरण के अनुकूल तरीके से अनुपयुक्त और प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने में मदद करेगा। इस पॉलिसी की घोषणा करते हुए पीएम मोदी ने कहा है की हमारा उद्देश्य एक व्यवहार्य #circulareconomy बनाना और पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार होते हुए सभी हितधारकों के लिए मूल्य लाना है।

पीएम मोदी ने कहा यह पॉलिसी भारत के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, एवं युवाओं और स्टार्ट्सअप को इस प्रोग्राम में शामिल होने के लिए आग्रह किया। इससे पहले केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा की पीएम मोदी “‘इन्वेस्टर्स समिट फॉर व्हीकल स्क्रैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर'” के दौरान Vehicle Scrappage Policy लांच करेंगे।

Vehicle Scrappage Policy

क्या है व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी

इस पॉलिसी के मुताबिक़ 15 से 20 साल पुरानी गाड़ियों को कबाड़ कर दिया जाएगा। निजी गाड़ियों के लिए यह समय-सीमा 20 साल है, जबकि कमर्शियल गाड़ियों के लिए 15 साल। यानी यदि आपके पास निजी कार है तो वह 20 साल बाद कबाड़े में जायेगी।

अब पुरानी गाड़ियों को चलाना पड़ेगा महंगा

नई व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी के लांच होने से 15-20 साल पुरानी गाड़ियों को चलाना महंगा पड़ेगा। क्योंकि इस पॉलिसी के अंतर्गत वाहनों को कड़े ऑटोमेटेड फिटनेस परीक्षण से भी गुजरना होगा एवं इस पॉलिसी के अंतर्गत हरित कर एवं कई प्रकार के अन्य शुल्कों का प्रावधान है एवं फिटनेस सर्टिफिकेट एवं व्हीकल के रजिस्ट्रेशन को रीन्यू कराने की कीमत में भी काफी इजाफा होगा।

फिटनेस सर्टिफिकेट एवं व्हीकल रजिस्ट्रेशन रीन्यू कराने की क्या होंगी कीमतें

इस पालिसी के अंतर्गत 15-20 साल पुरानी गाड़ी चलाने पर फिटनेस सर्टिफिकेट 62 गुना से भी अधिक हो जाएगा तथा गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रीन्यू कराने की कीमत 8 गुना अधिक हो जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार को ग्रीन टैक्स हरित कर (Green Tax) लगाने का अधिकार भी होगा।

15 साल या उससे अधिक कमर्शियल गाड़ियों के लिए मौजूदा फिटनेस सर्टिफिकेट 200 रूपए से बढ़कर 7500 रूपए हो जायेगी एवं ट्रक के लिए 12,500 रूपए हो जायेगी। दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन शुल्क 300 से 1000 रुपए हो जाएगा वहीँ निजी करों के लिए यह शुल्क 600 रुपए से बढ़कर 5000 रुपए हो जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकारों द्वारा 5 साल तक ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा।

क्यों पड़ी नयी स्क्रैपिंग पॉलिसी को लागू करने की जरुरत

इस पॉलिसी को लागू करने की जरुरत इसलिए पड़ी क्योंकि पुराने वाहन अधिक प्रदुषण फैलाते हैं, जिससे पर्यावरण का बहुत नुकसान होता है। इसके अलावा इस पालिसी के अंतर्गत वाहन खरीदने पर वहां मालिकों को भी आर्थिक नुकसान कम होगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा की आगे आने वाले 6-7 हफ़्तों के भीतर इस पॉलिसी को लागू कर दिया जाएगा।

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