प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के नियम

केंद्र सरकार द्वारा देश के किसानों के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा  रही हैं। इन्हीं में से एक हैं पीएम किसान सम्मान निधि योजना।

इस योजना के तहत देश के करीब 12 करोड़ किसानों को लाभ मिल रहा है। ऐसे में  कई बार ऐसे लोग भी इन योजनाओं का लाभ उठा लेते हैं, जो इसके हकदार नहीं  हैं।

ऐसे लोगों पर सरकार एक्शन लेने के लिए तैयार है। अगर आप भी किसान योजना के  लाभार्थी हैं, तो ये खबर आपके लिए ही है। दरअसल, अगर आप इस योजना के तहत तय  की गई पात्रता के अंतर्गत नहीं आते तो आपको इसका लाभ नहीं दिया जाएगा।

पीएम किसान स्कीम के तहत बदलाव के बाद हर किसान इस योजना का लाभ प्राप्त कर  सकता है, लेकिन इसके लिए किसान के पास उसकी खुद की जमीन होनी चाहिए।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना की गाइडलाइन के मुताबिक यदि सिंगल जोत वाली  जमीन पर कई किसान परिवारों के नाम हैं, तो प्रत्येक पात्र किसान परिवार को  अलग-अलग 6000 रुपये तक का लाभ दिया जाएगा।

हीं अगर कोई किसान खेती करता है, लेकिन खेत उसके नाम पर न होकर पिता या  दादा के नाम पर है, तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसी प्रकार किराए  पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसान को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलता।

यदि एग्रीकल्चर लैंड पर नॉन एग्रीकल्चर एक्टिविटी होती हैं, तो इस योजना का  लाभ नहीं मिलेगा। वहीं कृषि योग्य भूमि पर खेती नहीं हो रही है. तो भी  इसका लाभ नहीं मिल सकेगा।

अगर कोई किसान या उसके परिवार में कोई सदस्य संवैधानिक पद पर है, तो वो इस योजना का पात्र नहीं माना जाएगा।

राज्य/केंद्र सरकार के कर्मचारी या रिटायर्ड कर्मचारी, पीएसयू/पीएसई के  रिटायर या सेवारत कर्मचारी, लोकल बॉडीज के कर्मचारी भी इस योजना का लाभ  नहीं उठा सकते।

डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, आर्किटेक्ट्स और वकीलों को भी लाभ नहीं मिलता है।  साथ ही 10,000 रुपये से अधिक की मासिक पेंशन पाने वाले पेंशनभोगी भी इसके  पात्र नहीं हैं।

इसके अलावा अगर किसी किसान ने या उसके परिवार के किसी सदस्य ने अंतिम  मूल्यांकन वर्ष में इनकम टैक्स का भुगतान किया है, ऐसे किसान परिवार को भी  योजना के दायरे से बाहर माना जाता है।

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