(PMMSY) प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 2022 आवेदन फॉर्म, पंजीकरण, लाभ, पात्रता, दस्तावेज सूची | Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana in Hindi

By | August 13, 2022

(PMMSY) प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 2022 आवेदन फॉर्म, पंजीकरण, लाभ, पात्रता, दस्तावेज सूची | Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana in Hindi

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने की है. इस योजना को लागू करने का मुख्य उद्देश्य मछली उत्पादन को बढ़ाना देना एवं रोजगार के अवसरों में बृद्धि करना है. इस योजना को लागू करने के पीछे सरकार का मकसद मछली पालन के निर्यात को बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है एवं मछली उत्पादन को 150 लाख टन से बढ़कर 220 लाख टन करना है. इस योजना के अंतर्गत देश में 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा.

PM Matsya Sampada Yojana

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 2022 (PMMSY)

इस योजना का लाभ केवल मछुआरा समुदाय से सम्बन्ध रखने वाले लोगों को मिलेगा. जलीय क्षेत्रों से सम्बन्ध रखने वाले और जलीय कृषि का कार्य करने वाले या इसके व्यक्ति भी इस योजना के पात्र होंगे. इस योजना के तहत मछलीपालन को सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ दिया है. किसान मछली पालन करने के लिए इस कार्ड की मदद से 4 प्रतिशत ब्याज दर पर 3 लाख रूपए तक का लोन ले सकते है.

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यदि उम्मीदवार समय से पहले लोन का भुगतान करता है तो उसे ब्याज दर में छूट दी जाती है. बता दें राहत पैकेज की घोषणा करते वक्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि मरीन, इनलैंड फिशरी और एक्‍वाकल्‍चर में गतिविधियों के लिए 11,000 करोड़ रुपये का फंड उपलब्‍ध कराया जाएगा।

मत्स्य सम्पदा योजना में 20,050 करोड़ रुपये होंगे खर्च

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत 20,050 करोड़ रूपए मत्स्य खेत्र में अब तक का सबसे अधिक फण्ड है. इसमें मरीन, इनलैंड फिशरीज, और एक्वाकल्चर में लगभग 12340 करोड़ रूपए और फिशरीज इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए लगभग 7710 करोड़ रूपए का निवेश प्रस्तावित है.

PM Matsya Sampada Yojana Highlights

योजना का नामप्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)
किसके द्वारा शुरू की गयी केंद्र सरकार द्वारा
योजना के लाभार्थी मछली पालन एवं जलीय क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति यानि मछुआरे
उद्देश्य मछलीपालन के उत्त्पादन को बढ़ाना।
सम्बंधित विभाग मत्स्यिकी विभाग
ऑफिसियल वेबसाइटयहाँ क्लिक करें


पीएम मत्स्य सम्पदा योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य मछलीपालन को बढ़ावा देना है. इस योजना को लागू करने के पीछे सरकार का मकसद मछली पालन के निर्यात को बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है. इस योजना के तहत तक़रीबन 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा.

पीएम मत्स्य सम्पदा योजना बिहार (PMMSY Bihar)

3 लाख टन के अतिरिक्त मछली उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने के लिए 535 करोड़ रुपये के सेंट्रल शेयर के साथ 1390 करोड़ रुपये का कुल निवेश। राज्य सरकार ने प्रमुख घटकों जैसे चालू वित्तीय वर्ष की परियोजना लागत 107.00 करोड़ रुपये के लिए मंजूर की है

  • पुन: परिचालित एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) की स्थापना,
  • एक्वाकल्चर के लिए बायोफ्लो तालाबों का निर्माण,
  • फिनफिश हैचरी,
  • जलीय कृषि के लिए नए तालाबों का निर्माण,
  • सजावटी मछली संस्कृति इकाइयों,
  • जलाशयों / आर्द्रभूमि में केज की स्थापना,
  • बर्फ के पौधे,
  • प्रशीतित वाहन,
  • बर्फ बॉक्स के साथ मोटर साइकिल,
  • बर्फ बॉक्स के साथ तीन पहिया,
  • बर्फ बॉक्स के साथ चक्र,
  • मछली फ़ीड पौधों,
  • विस्तार और सहायता सेवाएं (मत्स्य सेवा केंद्र),
  • ब्रूड बैंक की स्थापना, आदि।

मछली पालन क्षेत्र से संबंधित अन्य उद्घाटन

  • सीतामढ़ी में फिश ब्रूड बैंक (Fish Brood Bank) की स्थापना,
  • किशनगंज में जलीय रोग रेफरल प्रयोगशाला (Aquatic Disease Referral Laboratory) की स्थापना।
  • नीली क्रांति के तहत मधेपुरा में वन-यूनिट फिश फीड मिल (One-unit fish feed mill) का उद्घाटन किया।
  • नीली क्रांति के तहत पटना में ‘फिश ऑन व्हील्स’ (Fish on Wheels) की दो इकाइयों का उद्घाटन किया।
  • डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, बिहार में व्यापक मछली उत्पादन प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्घाटन किया।

मत्स्य सम्पदा योजना के मुख्य विशेषताएं एवं लाभ

  • इस योजना तहत मछली पालन या अन्य जलीय जीवों की खेती करने वाले लोगों को आसानी से 3 लाख रूपए का लोन मिलेगा.
  • इस योजना के तहत मछली पालन के लिए सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ दिया है.
  • समुद्री तूफ़ान, बाढ़, चक्रवात, जैसी अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह से ग्रसित मछुआरों को इस योजना का लाभ मिलेगा.
  • PM Matsya Sampada Scheme के अंतर्गत मछुआरों को तीन लाख रूपए तक का लोन 4 प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जाएगा.

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प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के घटक (Components Of PMMSY)

  • केंद्रीय क्षेत्र योजना
  • केंद्र प्रायोजित योजना

PMMSY का प्रभाव (Impact Of The PMMSY)

इस योजना का भारत में मत्स्य पालन के समग्र समुदाय पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ेगा: –

  • यह योजना 2024-25 तक 137.58 लाख मीट्रिक टन (2018-19) से 220 लाख मीट्रिक टन तक मछली उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगी।
  • यह योजना मछली उत्पादन (Fish Production) में लगभग 9% की औसत वार्षिक वृद्धि को बनाए रखेगी.
  • यह योजना 2018-19 में कृषि GVA के 7.28% से कृषि क्षेत्र के GVA के योगदान को 2024-25 तक लगभग 9% तक बढ़ाने में मदद करेगी।
  • यह योजना (PM Matsya Sampada Yojana) 2024-25 तक Rs.16,000 करोड़ (2018-19) से लगभग 1,00,000 करोड़ रुपये तक निर्यात आय दोगुनी करेगी।
  • यह योजना वर्तमान राष्ट्रीय औसत 3 टन से लगभग 5 टन प्रति हेक्टेयर एक्वाकल्चर में उत्पादकता में सुधार करेगी।
  • योजना के बाद के फसल नुकसान को 20-25% से घटकर लगभग 10% हो जाएगा।
  • यह योजना घरेलू मछलियों की खपत को 5-6 किलोग्राम से लगभग 12 किलोग्राम प्रति व्यक्ति करने में मदद करेगी।
  • यह योजना आपूर्ति और मूल्य श्रृंखला के साथ मत्स्य पालन क्षेत्र में लगभग 55 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावनाएं पैदा करेगी।

मत्स्य योजना के तहत कोन लोग कर सकते हैं आवेदन

योजना के अन्तर्गत का लाभ मछुआ, मत्स्य पालक, मछली बेचने वाले, स्वयं सहायता समूह, मत्स्य उधमी, निजी फर्म, फिश फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन / कम्पनीज, अनुसूचित जाती, अनुसूचित जनजाति, महिला आदि लाभार्थीपरक परियोजनाओं हेतु आवेदन कर सकते हैं |

मत्स्य सम्पदा योजना में आवेदन कैसे करें?

इच्छुक उम्मीदवार जो इस योजना का लाभ लेना चाहते है. उन्हें आवेदन करने के लिए थोड़ा इंतज़ार करना होगा. सरकार द्वारा इस योजना की शुरुआत 10 सितंबर को की गयी है, अभी इस योजना में आवेदन के सम्बन्ध में कोई ऑफिसियल नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है. जैसे ही सरकार द्वारा आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. हम आपको इस लेख के माध्यम से सूचित कर देंगे. उसके बाद आप पीएम मत्स्य सम्पदा योजना का लाभ ले सकते हैं.

e-Gopala App

किसानों के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा ई-गोपाला ऐप भी लॉन्च किया गया है। ई-गोपाला ऐप प्लेटफॉर्म की मदद से किसान पशुधन का प्रबंधन कर सकते हैं जिनमें शामिल हैं

  • सभी रूपों में रोग मुक्त जर्मप्लाज्म की खरीद और बिक्री;
  • गुणवत्तापूर्ण प्रजनन सेवाओं की उपलब्धता और पशु पोषण के लिए किसानों का मार्गदर्शन,
  • उपयुक्त आयुर्वेदिक दवा/एथनोवेटरिनरी दवा का उपयोग कर पशुओं का उपचार।

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