नाम, आधार नंबर किसान का, पर PM Kisan Samman Nidhi का पैसा जा रहा दूसरे के खाते में!

By | June 29, 2020

बता दें, किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानो के खाते में 6000 रूपये सालाना दिए जा रहे है। नाम, फोटो, और आधार नंबर किसान का सही है लेकिन इस योजना के जो क़िस्त है वो किसी अन्य खाते में जा रही है। यह समस्या एक वर्षो से चल रहा है।

कुछ स्थानीय स्तर पर और कुछ राज्य स्तर पर शिकायत हुई है, लेकिन कुछ ही खातों पर राज्य स्तर पर रोक लगाई गई है। सूत्रों के अनुसार बता रहे है कि यदि इस पुरे मामले की जांच हो तो करोड़ों रूपये का हेर-फेर सामने आएगा। इन बड़ी यह लापरवाही है या फिर कोई बड़ा साइबर क्रांइम। इसके बारे में विस्तृत जांच जरूरी है।

PM kisan yojana की शुरुआत केंद्र सरकार के द्वारा गरीब किसानो को आर्थिक मदद पहुंचने के लिए इस योजना की शुरुआत की है। इसके तहत 2000 रूपये की तीन क़िस्त किसानो के खाते में देने का प्रावधान है। बता दे, हाल ही में किसानो के खाते में गरीब कल्याण योजना के तहत कोरोना महामारी के कारण किसानो की आर्थिक मदद की है।

इसके तहत उनके खाते में 2000 रूपये की चौथी, पांचवी, छठी क़िस्त दे जा रही है। अभी तक किसानो के खाते में सरकार द्वारा पांच क़िस्त भेज दी गई है। छठी क़िस्त आना बाकि है।

बता दे, गोविंदपुर अंचल में कई सारे ऐसे मामले सामने आये है, जिसमे किसान के आवेदन फॉर्म में फोटो, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, सारी जानकारी किसान की है, लेकिन बैंक खाता नंबर किसी और का है। इसी वजह जो क़िस्त की राशि है वह उस बैंक खाता नंबर पर जा रही है। इस कारण कई सारे किसानो को इस योजना के तहत लाभ नहीं मिल पा रहा है।

यह जांच का विषय है कि कैसे उनका खाता खुला है और कैसे उनकी डिटेल्स चेंज हुई है। जब भी किसान अपने ऑनलाइन जांच करता है तो उसको केवल बैंक खाता संख्या की अंतिम चार डिजिट दिखाई देती है। और स्टेटस चेक करते है तो उसमे केवल भुगतान की गई राशि के बारे में दिखाया जाता है।

धनबाद में 65 हजार किसान को निबंधित कर दिया गया है। बता दें आज भी कई सारे किसानो को सरकार द्वारा दी जा रही सहायता राशि अभी तक नहीं मिल है। जानकारों और सूत्रों के अनुसार पता चला है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना और सीएम कृषि आशीर्वाद योजना में किसानो ने आवेदन किये और उनके आधार कार्ड, और फोटो सहित सारा डाटा इंटरनेट पर अपलोड किया गया। लेकिन यह डाटा कहाँ से और कैसे लीक हो गया इसके बारे में सोचना और जांच का विषय बन गया है।

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